यह दृश्य मनाली के पहाड़ों का है इन पहाड़ों को देखकर इनकी बनावट देखकर कहीं ना कहीं दिल में एक बात तो जरूर आती है कुदरत ने हमें बहुत कुछ दिया है जल पहाड़ खाने-पीने के लिए चीजें |
प्रकृति से हमने हमेशा ही दिया है कभी हमसे प्रकृति ने कुछ मांगा नहीं हम प्रकृति को नुकसान पहुंचा रहे हैं काफी हद तक हमारा फर्ज है कि अब हम भी प्रकृति को कुछ दे अब आप लोग सोचेंगे कि हम प्रकृति को कैसे कुछ दे सकते हैं जब उसने हमें इतना कुछ दिया है प्रकृति हमसे कुछ नहीं मांगती बस प्रकृति चाहती है कि हम उसे पहले जैसा स्वच्छ और साफ रखें |
जैसा आप सभी जानते हैं बढ़ते हुए पापुलेशन बढ़ते हुए फैक्ट्री के कारण हमारे प्रकृति में काफी चेंजिंग आ रहे हैं जिसका जिम्मेदार हर एक इंसान है अगर हमें प्रकृति को कुछ देना है तो हम उसे पेड़ पौधे लगाकर दे सकते हैं जगह-जगह प्लास्टिक बोतल जैसी चीजें ना फैलाकर उसका दोबारा से यूज कर सकते हैं अगर उसको सही जगह रखा जाए तो
हमें हर चीज रीयूज जरूर करनी पड़ेगी क्योंकि बढ़ते हुए पॉपुलेशन को देखते हुए और कम होते जा रहे हैं सोर्सेस को देखते हो तो एक नई शुरुआत करें |
प्रकृति को अब देने की बारी है | चलो मिलकर प्रकृति को उसका किया हुआ उसे वापसी करें

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