जिस तरह हमें इस देश में रहने के लिए भोजन, पानी और सांस की जरूरत है, उसी तरह इस देश में सेना की जरूरत है और उन्हें अपने लक्ष्य से कभी नहीं चूकना चाहिए और, क्योंकि अगर वे अपना लक्ष्य चूक गए, तो हम शायद उस दृश्य को कभी नहीं भूल पाएंगे .
सेना के जवान अपनी हर इच्छा को इस तरह नियंत्रित करते हैं कि उन्हें अपने परिवार की याद भी नहीं रहती, इस तरह वे देश की सेवा में लगे रहते हैं, हम उन लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं. जब हम बिस्तर पर होते हैं तो वे लोग सीमा पर होते हैं

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